রমা কে নিয়ে খেলা

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ছবির কচি গুদ চোদা

ছোটো বেলা থেকে কচি গুদ চুদতে ইচ্ছা করতো আমার। বাল ভরা গুদ দেখতে আমার ভালো লাগতো না। বয়স্ক মেয়েদের ভোদাটা জানি কি রকম, পা ফাক করলে গুদের ভিতর দেখা যায়, আর গুদের ভিতরের ঠোটটা একটু বাহিরে বের হয়ে থাকে। বয়স্ক মেয়েদের গুদের ছবি দেখে আমার বাড়া যদিও খাড়া হয়ে যেত তবুও আমার পছন্দ কচি গুদ। আমার ভালো লাগে নয় থেকে পনেরো বছরের মেয়ে। এই বয়সের মেয়েদের তখন ঠিক মত বাল গজায়নি আর পা ফাক করলেও ওদের গুদের ঠোটটা খুলে যায় না। হাত দিয়ে গুদের বাহিরের ঠোটটা খুললে ভিতরের ঠোটটা দেখা যায়। আর এদের মাং টা এতো টাইট যে চোদার সময় অসাধারন সুখ হয়। কিন্তু এরকম মেয়ে চোদার সুযোগ কজনের হয়, তাই আমি ইন্টারনেট থেকে কচি মেয়েদের ন্যাংটা ছবি দেখে হাত মারতাম। 
পাঠক/পাঠিকারা হয়ত মনে করছেন আমি একটা নস্ট ছেলে কিন্তু আমি জানি আমি একা না, অনেকেই আছেন আমার মত, খালি লোক লজ্জায় ওরা মুখ খোলেন না, এমন কি কিশোরী মেয়েদের ও গুদ মারাতে ইচ্ছা করে, যৌন সংগম এর দৃশ্য দেখলে ওদের ও গুদের কুরকুরানি উঠে। ওদেরও মাং টা শিরশির করে চোদানোর জন্য কিন্তু ওরা কাউকে ওদের মনের কথা বলতে পারেনা।অনেক সময় ওরা আংগুল দিয়ে গুদের কোট ঘষে যৌন রষ বের করে নিজেদের কাম বাসনা মেটায়।

আবাল গুদ আর ছোটো দুধ দেখে আমার বাড়া খাড়া হতো। কোনো উপায় না থাকার কারনে শুদু হাত মেরে মাল বের করে দিতাম। আমার বয়স তখন পনেরো, বাড়াটা সবসময় খাড়া হয়ে থাকতো কিন্তূ কিছু করার উপায় ছিলোনা। দিনে চার থেকে পাচ বার হাত মারতাম, তারপর ও বাড়াটা টন টন করতো। মরিয়া হয়ে চোদার উপায় খুজতে থাকলাম।

একদিন হটাত করে সুজোগ এসে গেলো। আমার বাবা এবং মা দুজনে চাকরি করতো তাই স্কুল থেকে আসার পরে বাসায় কেউ থাকতো না। একদিন স্কুল তাড়াতারি ছুটির কারনে দুপুর বেলা বাসায় চলে আসলাম। স্কুল থেকে বাসায় আসার পরে গোসল করতে চাইলাম, বাথরুমের দরজার সামনে এসে দেখে বাথরুমের দরজা খোলা রেখে আমাদের কাজের মেয়ে ছবি গোসল করছে, ও বুজতে পারেনি আমি দরজার সামনে দারিয়ে থেকে ওকে দেখছি তাই ও আপন মনে গোসল করতে থাকলো।

এই প্রথমবার আমি ওকে ন্যাংটা দেখলাম । ছবির বয়স তখন বারো, ওর দুধ তখনো ঠিক মতো হয়নি, কেবল বুকটা একটু ফুলে উঠেছে আর তার মাঝে ছোটো ছোটো দুধের বোটা। দুধ পাছা ওর তখনো ঠিক মতো হয়নি। পিছন থেকে দাড়িয়ে আমি ওর মাং টা দেখতে পারলাম না কিত্নু পাস থেকে ওর কচি দুধ আর ছোটো পাছা দেখে আমার বাড়া খাড়া হতে থাকলো, আমার হাত আমার অজান্তে বাড়া হাতাতে লাগলো। আমি মনে মনে চিন্তা করতে থাকলাম কি করা যায়। আমি জানি ও কখনো চোদন খায়নি সুতরাং ওর মাংটা হবে প্রচন্ড টাইট।

ইন্টারনেট এ অনেক দেখেছি কিভাবে বয়স্ক লোকরা ছোটো মেয়েদের চোদা দেয় এবং শুধু তাই নয় চোদার পরে গুদের ভিতরে মাল ফেলে আর মাল ফেলার পরে যখন বাড়াটা বের করে নেয় তখন গুদের ভেতর থেকে মাল গুলো গল গল করে বের হতে থাকে। ভোদার ভিতর থেকে এভাবে মাল বের হওয়া দেখতে আমার খুব ভালো লাগে। কচি মেয়ে চোদার এটাই সুবিধা ওদের গুদের ভিতরে মাল ফেলে দিলে বাচ্চা হবার ভয় নেই তাই কনডম পরার দরকার নেই।

যাই হোক বারো বছরের এই কচি মেয়ে ছবিকে ন্যাংটা দেখে আমার ধোন খাড়া হয়ে গেলো আমি চিন্তা করতে লাগলাম কি করা যায়। একবার মনে হলো বাথরুমে ঢুকে ওকে জরিয়ে ধরি। এক হাতে ওর কচি মাইটা টিপতে থাকি আর ঠোট দিয়ে ওর দুধের কচি বোটাটা চুষতে থাকি কিন্তু ভয় হলো ও যদি চেচিয়ে উঠে অথবা পরেআম্মুকে বলে দেয় তখন আমি কি করবো ? আমি তো কাউকে মুখ দেখাতে পারবো না। সবাই জানবে আমি খুব খারাপ ছেলে বাসার অসহায় ছোটো কাজের মেয়েকে জোর করে চুদেছি।

এদিকে ছবি তখোন ওর শরিরে সাবান মাখছে, আমি দেখলাম ও হাত দিয়ে সাবানের ফেনাগুলো গুদের কাছে ঘসছে, আমি আর থাকতে পারলাম না, আমার তখন বাড়া ফুলে তালগাছ, মাল ফেলার জন্য বাড়াটা টন টন করতে লাগলো। আমি তারাতারি আমার ঘরে ডুকে লাপটপটা অন করলাম, আমার এখন ভিডিও দেখে হাত মারতে হবে। ইন্টারনেট থেকে অনেক কচি মেয়ে চোদার ভিডিও ডাউনলোড করা আছে তারই একটা দেখে হাত মারব বলে থিক করলাম। পচ্ছন্দমত একটা জাপানীজ ভিডিও ফাইলে ক্লিক করলাম, এই ভিডিও তে একটা বয়স্ক লোক দশ বছরের মেয়ের গুদ মারে এবং ধোনের মালটা গুদের ভেতরে ফেলে দেয়। বাড়াটা বের করে নেবার পরে মাংয়ের ভিতর থেকে মালগুলো গল গল করে বের হতে থাকে, লোকটা তখন হাত পেতে মালগুলো সংগ্রহ করে মেয়েটার মুখে ঢেলে দেয় আর মেয়েটা তখন মালগুলো কোত কোত করে গিলতে থাকে।

আমি আমার প্যান্টটা খুলে ফেললাম, গরমের কারনে জামাটাও খুললাম, পরনে আমার শুধু বক্সার, বাড়াটা বক্সার থেকে বের করে আস্তে আস্তে হাত মারতে লাগলাম। এদিকে ভিডিওতে জাপানীজ লোকটা দশ বছরের মেয়েটাকে দিয়ে বাড়া চোষাতে লাগলো, এতটুকু একটা ছোটো মেয়ের মুখে বয়স্ক লোকটার বড় বাড়াটা পুরো পুরি ধুকছে না তবুও লোকটা মেয়েটার মাথা ধরে বাড়ার মুন্ডিটা ঢুকাতে আর বের করতে লাগলো। বড় বাড়াটা ছোটো মেয়ের মুখের ঘষা খেয়ে আরো বড় হতে থাকলো। মেয়েটার কচি মুখে বড় বাড়াটা দেখতে বড় ভালো লাগলো। আমি ভিডিও দেখে হাত মারতে থাকলাম আর মনে মনে চিন্তা করতে থাকলাম যে ছবির মুখে ভিতরে আমার ধোন আর আমার হাতটা বাড়ার মুন্ডির উপরে উঠা নামা করতে থাকলো, আমার শরিরে তখন প্রচন্ড সুখ, আর একটু পরে মালটা বের হবে। হঠাত পিছন থেকে কে জানি বলে উঠল রিপণ ভাই আপনি কি করতেছেন ?

চমকে উঠলাম আমি, এ অবস্তায় কারো কাছে ধরা পরে গেলে আমার তো মান সম্মান থাকবে না। ঘাড় ঘুরিয়ে দেখে আমাদের কাজের মেয়ে ছবি আমার খাড়া বাড়ার দিকে অবাক হয়ে তাকিয়ে আছে। তখন আমার হাতে বাড়াটা কাপছে। কি করবো বুজতে পারলাম না। ছবি আবার আনেকগুলো প্রস্ন করলো, আপনি ন্যাংটা কেন ? কম্পুটারে কি ভিডিও দেখছেন ? আপনার নুনু এত বড় কেন ? নুনুতে হাত দিয়ে কি করছেন ? তখন ভিডিওতে জাপানীজ লোকটা দশ বছরের মেয়েটাকে কোলে বসিয়ে ওর আবাল গুদে বাড়ার মুন্ডিটা ঢুকিয়ে আস্তে আস্তে ঠাপ মারছে। মেয়েটার গুদ ছোটো হওয়ার কারনে বাড়াটা ঢুকতে চাচ্ছেনা তাই লোকটা আংগুল দিয়ে গুদের কোটটা আস্তে আস্তে ঘষছে, যাতে গুদের রসে বাড়াটা ভিজে গিয়ে আস্তে আস্তে ভেতরে ঢুকে যায়। মেয়েটা একসাথে কোট ঘষা আর চোদার সুখে আস্তে আস্তে উঃ আঃ উঃ আঃ করছে।

আমি কি করব চিন্তা করতে না পেরে ছবিকে বললাম তুই ভিডিও দেখবি ? এমন ভিডিও তুই কখনো দেখিসনি কিন্তু তুই কাউকে বলতে পারবি না, ও এক্তু চিন্তা করে বলল ঠিক আছে। আমি খাড়া বাড়াতা বক্সার এর ভিতরে ঢুকিয়ে ওকে আমার পাশে বসতে দিলাম। ছবি অবাক হয়ে ভিডিও দেখতে লাগলো। তখন লোকটা দশ বছরের মেয়েটার গুদে বাড়াটা পুরোপুরি ঢুকিয়েহেকে হেকে ঠাপ মারছে, অসম্ভব যৌন সুখে মেয়েটার মুখটা লালহয়ে গেছে আর উঃ উঃউঃ আঃ আঃ উঃ করছে।
ছবি বল্লো লোকটা কি নিষ্টুর মেয়েটা কিভাবে কষ্ট দিচ্ছে, আমি বল্লাম আরে না মেয়েটার খুব সুখ হচ্ছে তাই ওরকম করছে। ওর মুখ দেখে মনে হলো ও আমার কথা বিশ্যাস করলো না। এদিকে আমার বাড়া খাড়া, চিন্তা করলাম যা হবার হবে আজকে ছবির আচোদা গুদ চুদবই। এদিকে জাপানীজ লোকটা মনে হয় প্রায় হয়ে এসেছে, লোকটা ঠাপের গতি বাড়িয়ে দিল, মেয়েটার শরীর শক্ত হয়ে আসছে। ছবি অবাক চোখে একটা বয়স্ক লোকের কচি মাং চোদার দৃশ্য দেখছে। আমি ভাবলাম এটাই সুযোগ, আস্তে করে ওকে আগে জরিয়ে ধরলাম, ও দেখলাম কিছু বলল না, ও আপন মনে তখন ভিডিও দেখছে, এই সুযোগে আমি একহাত দিয়ে জামার উপর দিয়ে ওর দুধ চেপে ধরলাম, ও কিছু বল্ল না, তাই আমি আলতো আলতো করে চাপ দিতে থাকলাম। ওর তখন ও ব্রা পরার বয়স হয়নি, দুধ বলে আসলে কিছু নেই, আছে ছোট্ট একটা ঢিপি, ওটাই মলতে লাগলাম। ও দেখলাম নড়েচড়ে বসল, তাই ভাবলাম, ওর মনে হয় ভালো লাগছে। সুতরাং আমি আর একহাত দিয়ে বাকি দুধটা চেপে ধরলাম এবং আস্তে আস্তে টিপতে থাকলাম। আমার বাড়ার তখন কিছু দরকার, বেচারা খাড়া হয়ে তালগাছ, তাই আমি ছবির বাম হাতটা নিয়ে আমার বাড়ার উপর রাখলাম, ওকে বললাম বাড়াটা টিপে দ্যাখ কি শক্ত। ছবি ওর হাত দিয়ে আমার শক্ত বাড়াটা চেপে ধরলো।

এদিকে জাপানীজ লোকটার কড়া ঠাপ খেয়ে দশ বছরের বালিকা উচ্চ শরে চেচাতে লাগ্লো। বালিকার মনে হয় প্রায় হয়ে এসেছে, মেয়েটা উঃ আঃ উঃ আঃ ওঃ ওঃ উঃ উঃ আঃ আঃ করতে লাগ্লো, এটা শুনে লোকটা ঠাপের গতি আরো বাড়িয়ে দিলো, এরকম কড়া ঠাপ খেয়ে মেয়েটার শরীর শক্ত হয়ে এলো, চরম সুখে দু হাত দিয়ে লোকটাকে জরিয়ে ধরলো, লোকটা বুজতে পারলো যে বালিকার চরম রস বেরিয়ে যাবে তাই ও এবার দয়ামায়াহীন ভাবে ঠাপাতে লাগলো, বালিকার শরীর শক্ত কিন্তু ঠাপের ধাক্কায় শরীর কেপে কেপে উঠেছে, বালিকা উচ্চ শরে চেচিয়ে উঠলো আঃ আঃ আঃ আঃ আঃ উঃ উঃ উঃ আঃ আঃ, মেয়েটার শরীর ঝাকি খেয়ে থেমে গেলো, এরকম টাইট গুদের চাপ খেয়ে লোকটাও আর থাকতে পারলো না উঃ উঃ আঃ আঃ বলে শেষ ঠাপ দিয়ে বালিকাকে শক্ত করে জরিয়ে ধরলো, দেখলাম বাড়াটা বালিকার গুদের ভিতরে কেপে **কেপে উঠলো, বালিকার গুদের ঠোট বেয়ে মাল বের হতে লাগলো কিন্তু গুদটা প্রচন্ড টাইট হওয়ার কারনে পুরোপুরি বের হতে পারলো না। একটু পরে বাড়াটা শিথিল হয়ে গেলে লোকটা বাড়াটা গুদ থেকে বের করে নিল, বালিকা উঃ বলে শিতকার দিয়ে উঠল, চরম সুখে ওর শরীর তখন ও কাপছে আর গুদ থেকে একগাদা ফ্যাদা গড়িয়ে গড়িয়ে বের হতে লাগলো, ফ্যাদা মাখা বাড়ার মুন্ডিতা লোকটা বালিকার মুখে ঢুকিয়ে দিল, মেয়েটা চুক চুক ফ্যাদা মাখা বাড়া চাটতে লাগলো।

ছবি বললো ছিঃ ছিঃ নুনু কি কেউ মুখে দেয়, লোকটা কি অসভ্য মেয়েটার মাংএর ভিতরে মুতে দিয়েছে। আমি বল্লাম না, মাংএর ভিতরে মুতে দেয় নি, ছেলে আর মেয়ে চোদাচুদির পর ছেলেদের বাড়া থেকে সাদা রং এর রস বের হয়, আর এটাকে বলে মাল, মেয়েরা খুব খেতে পছন্দ করে। ছবি বললো ছিঃ আমি কখনো নুনু মুখে দেব না, মরে গেলেও না। আমি মনে মনে বললাম শালী যখন তোর মাংএর ভিতরে আমার বাড়া ঢুকিয়ে দেব তখন বুজবি ঠ্যালা, আমার হাত দুটো তখনও ওর দুধ দলছে। ছবি বললো দুধ টিপেন কেন রিপন ভাই, আমি বললাম তোর দুধ টিপ্তে আমার ভালো লাগে, সত্যি করে বল তোর কি ভালো লাগে না ? উত্তরে ও বললো হ্যা দুধ টিপলে শরীরটা কেমন জানি শির শির করে, খুব আরাম লাগে। তখন আমি বললাম এই ছবি আয় ভিডিওর মত আমরাওচোদাচুদি করি। উত্তরে ও বললো যাঃ আপনার এতো বড় নুনু ঢুকলে আমার মাংটা ফেটে যাবে। তখন আমি বললাম তার মানে তুই জানিস চোদাচুদি কি ভাবে করে।

ছবি বললো ছোটো বেলায় ও যখন গ্রামের বাড়িতে ছিল তখন ওর বাবা মা কে চুদতে দেখেছে। গ্রামের বাড়িতে ওদের একটাই ঘর তাই সবাই একসাতে ঘুমাতো, ওর বাবা মা যখন মনে করতো ওরা ঘুমিয়ে পড়েছে তখন ওর বাবা ওর মা কে চুদতো। আমি বললাম ঠিক আছে তোকে চুদবো না, কিন্তু তুই তো আমার বাড়া দেখে ফেলেছিস চোদাচুদি ভিডিও দেখলি এর বদলে তোকে আমি ন্যাংটা দেখবো। ছবি বল্ল ছিঃ ছিঃ রিপন ভাই, যদি কেউ জানে তখন কি হবে ? আমি বললাম এতা তোর আর আমার গোপন কথা কেউ জানবে না, আমি কাউকে বলবো না আর তুই ও কাউকে বলবি না। ও রাজি হলো। আমি ওকে আমার ঘরের দরজাটা বন্ধ করতে বললাম। উত্তেজনায় আমার সারা শরীর কাপতে থাকলো, আমার জীবনের প্রথম চোদার সুযোগ, তাও আবার বারো বছরের কচি বালিকা, এই চিন্তা করে আমার ধোন আরো ঠাটিয়ে উঠল।

দরজাটা বন্ধ করে ছবি আমার কাছে এসে লাজুক মুখে দাড়ালো। আমি দুই হাতে ওর জামাতা খুললাম, ওর পরনে এখন শুধু এক্তা হাফ পেন্ট। দুধ বলতে গেলে একেবারেই নেই, ইদুরের গত্ত থেকে ইদুর এক্তু মুখ বার করলে যে রকম হয় সে রকম।খুবই ছোট দুটো বোটা, আমার হাতটা নিসপিস করে উঠল। ছবিকে বললাম বাড়াটা টিপে দিতে আর আমি দুই হাতে দুধ মলতে লাগ্লাম। ওর শরীর সুখে শিউরে উঠল, ও হাত দিয়ে বাড়াটা জোরে চেপে ধরলো। আমি ওর কচি দুধ টিপ্তে থাকলাম, ওঃ জীবনের প্রথম দুধ টেপা, কি যে মজা বলে বুঝানো যাবেনা। দুধ গুলো ছোটো তাই এত নরম না, একটু শক্ত শক্ত, কিন্তু টিপে মজা আছে।

এবার আমি আমার ঠোট দিয়ে ওর কচি দুধের বোটা চুস্তে শুরু করলাম। ছবি হিস হিস করে উঠল, বুঝলাম ওর ভালো লাগছে। ও এক হাত দিয়ে আমার মাথাটা ওর দুধের উপরে চেপে ধরল। আমি আমার ঠোট দিয়ে ওর দুধ চুসছি আর আর এক হাত দিয়ে দুধ টিপছি। ছবি ওর শরীর এলিয়ে দিল, আয়েশে চোখ বন্ধ করলো। আমি আর এক হাত দিয়ে পেন্টের উপর দিয়ে হাতটা ওর গুদের উপরে বুলাতে থাকলাম। ছবি বলে উঠলো রিপন ভাই আপনি কি করছেন, আমার জানি কেমন লাগছে, শরীরটা অবস হয়ে আসছে কিন্তু খুব ভালো লাগছে, আপনি ডানদিকের দুধটা তো অনেক চুসলেন, বাদিকেরটাও চুসুন। বাবারে দুধ চুসলে এত ভালো লাগে জানলে আপনি কেন এত দিন আমার দুধটা চুষে দেননি। আর দুধটা এক্তু জোরে চাপেন, আমার জোরে চাপলে ভালো লাগে। এটা শোনার পরে আমি জোরে জোরে দুধ টিপ্তে থাকলাম। এদিকে আমার হাত তো তখন ছবির পেন্টের ভিতরে। ওর গুদের উপর হাত দিয়ে গুদের কোটটা খুজতে লাগলাম গুদের কোট, গুদে নেই কোন বাল, পায়ের ফাকে গুদের জোরাটা যেখানে শুরু হয়েছে সেখানে আলতো করে আংগুল দিয়ে ঘষা দিলাম। ভনাংঙ্কুরে ঘষা খেয়ে ছবি উঃ উঃ উঃ বলে শিতকার দিয়ে উঠল, ছবি বলে উঠলো বাবারে রিপন ভাই আপনি কি করছেন, কোঠটা ঘষেন না, তা হলে আমি মনে হয় মুতে দিব। আমি মনে করলাম যদি মুতে দেয় তাই হাত সরিয়ে নিলাম। দু হাতে দুধ টিপ্তে থাকলাম আর দুধের বোটা চুস্তে থাকলাম। তখন ও বললো কোঠটা আবার ঘষেন না, ঘষলে আমার খুব ভালো লাগে।

আমি এবার পেন্টটা খুললাম, জীবনে প্রথমবার দেখলাম আসল গুদ। ছবির গুদটা খুব সুন্দর, গুদে নেই কোন বাল। গুদের ঠোট দুটো চেপে বন্ধ হয়ে আছে। কোন উপায় নেই গুদের ভেতর দেখার, এমন কি কোঠটাও লুকিয়ে আছে গুদের ঠোটের ভিতরে। আমি তখন ও ওর মাই টিপছি, ছবিকে বললাম পা ফাক কর তোর গুদটা ভালো মত দেখি, ও পা ফাক করলো। তার পরও ওর গুদের ঠোট দুটো আলাদা হলো না, ঠোট দুটো মনে হয় যেতে বসে আছে। মনে হয় কেউ যেন ঠোট দুটো আঠা দিয়ে জোরা দিয়েছে। লেবুর কোয়াগুলি যেমন একসাথে লেগে থাকে সে রকম। মনে মনে বললাম এই গুদ যে কি রকম টাইট হবে তা আল্লা জানেন। একবার মনে হলো এই গুদে আমার আখাব্বা বাড়া ঢুকবে তো ? নাকি আবার রক্তারক্তি কারবার হয়ে যায়।

ছবিকে বললাম চল বিছানায় তোর গুদটা ভালোমত দেখবো। কোলে করে ওকে বিছানায় নিলাম, বললাম পা টা ফাক করে রাখ। ছবি পা ফাক করে বিছানায় শুয়ে থাকলো। আমি গুদটা ভালো করে দেখার জন্য মুখটা গুদের কাছে নিয়ে গেলাম। কোটটা নাড়া দরকার যাতে ওর আরাম হয়।আমি দুহাত গুদের পাশে রেখে আংগুল দিয়ে কমলা লেবুর কোয়ার মত ওর গুদের ঠোট দুটো ফাক করলাম। দেখলাম গুদের ভেতরটা ভেজা, কেমন জানি আঠা আঠা রস। গুদের বাহিরের ঠোটের ভিতরে আছে ছোট দুটি পাতলা ঠোট। গুদের ফুটা এত ছোট মনে হয় আমার একটা আংগুলের মাথা ঢুকবে।দু হাতে গুদটা ফাক করে রেখে এক আংগুল দিয়ে ওর গুদের কোট নারতে থাকলাম। হিস হিস করে উঠল ছবি, আমি আংগুল বোলাতে থাকলাম কোটের উপরে, দেখতে দেখতে রস এ ভরে উঠলো গুদটা। ছবির গুদের রসটা খুব আঠা আঠা, তাই একটু রস এক আংগুলে মেখে, আংগুলের মাথাটা আস্তে করে গুদের ভিতরে ঢুকানোর চেস্টা করলাম। ককিয়ে উঠল ছবি, বলল রিপন ভাই কি করেন, ব্যাথা লাগে। গুদের ভেতরটা কি গরম, মনে হয় আমার আংগুল পুড়ে ফেলবে। গুদ চাটার এচ্ছা হল খুব। তখন আমি আমার মুখতা গুদের কাছে আনলাম, দু আংগুলে গুদটা ফাক করে ধরে, গুদ চাটা সুরু করলাম। ছবি হই হই করে উঠল বললো রিপন ভাই করেন কি ? মাংএ কি কেউ মুখ দেয় ? আপনার কি একটুও ঘৃনা করে না ? আমি কোন কথা না বলে চুকচুক করে ওর গুদটা চাটতে থাকলাম। ছবি দুহাতে আমার মাথাটা ওর গুদ এ চেপে ধরল। রসে ওর গুদটা ভিজে গ্যাছে, ওর গুদের রস আমি চেটে চেটে খেতে থাকলাম, গুদের রসটা কেমন জানি নোনতা নোনতা আর আঠালো, আমি জিব্বার মাথা দিয়ে এবার কোটটা চাটতে শুরু করলাম। ছবি এবার ওঃ রে বাবারে বলে চেচিয়ে উঠলো, ওর শরীর কাপতে শুরু করলো, ওর মুখ দিয়ে শুধু ওঃ উঃ ওঃ আঃ আঃ উঃ শব্দ বের হতে লাগলো। আমি গুদ থেকে মুখটা তুলে বললাম ছবি তোর কেমন লাগছে তোর? ও বলল রিপন ভাই আপনি আমার মাংটা ভালোমত চুষেন, আমার যা মজা লাগছে তা আপনাকে বলে বুঝাতে পারবো না, বলে ও আমার মাথাটা ওর গুদের ওপর জোর করে চেপে ধরল। আমার ও ওর কচি গুদ চুষতে ভালো লাগছিলো। ওর গুদের নোনতা আর আঠালো রসটা চেটে চেটে খেতে খুব ভালো লাগছিলো, আরো ভালো লাগছিলো ওর শিতকার শুনতে। আমি ওর গুদের কোটের উপরে চাটছি আর ছবি আঃ আঃ অঃ অঃ উঃ উঃ করে শিতকার দিচ্ছে। হাত দিয়ে মাথাটা এমন ভাবে চেপে ধরেছে যে আমি যেন আমার মাথা নাড়াতে না পাড়ি।

আমি ঠোট দেয়ে এখন গুদের কোঠতা চুসষি। ওর গুদের ভেতরে এখন রসের বন্যা, গুদ বেয়ে বেয়ে রস পড়ছে, ওর পাছার নিচের চাদরটা গুদের রসে ভিজে গ্যাছে। গুদ চাটতে চাটতে আমি আস্তে করে একটা আংগুল ওর গুদের ফুটায় ঢুকানোর চেস্টা করতে লাগলাম। এখন আমার আংগুলটা রসে মাখানো, তাই আংগুলের মাথাটা সহজে ঢুকলো, আর একটু ঢুকালে ছবি বললো ওহঃ ওহঃওহঃ, আমি চোষা থামিয়ে বললাম কি ব্যাথা লাগে ? ও বলল না ব্যাথা লাগে না, ভালো লাগে তবে থামলেন কেনো মাংটা ভালোমত চুষেন? আমি বললাম তোর গুদ চুষবো আর তোর গুদে আংগুল মারবো তাতে তোর আরো মজা হবে। ও বলল যা ভালো বুঝেন করেন, আমার শরীরটা জানি কেমন করছে, আমার মাংএর ভিতরটা প্রচন্ড চুলকাচ্ছে। আমি কি মুতে দিয়েছি ? বিছানার চাদরটা ভেজা কেন ? আমি বললাম মেয়েদের চুদতে ইচ্ছা হলে গুদ থেকে রস বের হয়, যেমন ছেলেদের বাড়া খাড়া হয়। ও বলল তাই নাকি তাহলে আপনার তো খুব চুদতে ইচ্ছা করছে কারন আপনার বাড়া তো খাড়া। আমি বললাম হ্যা খুব চুদতে ইচ্ছা করছেরে তুই কি আমাকে চুদতে দিবি ? ও বলল আপনার বাড়া যা বড় আমার মাংএ কি ঢুকবে ? আমি বললাম আমি তোকে ব্যাথা দেব না, আস্তে আস্তে চুদবো। ও বললো আপনি যা ভালো বুঝেন তবে মাংটা আর একটু চুষেন।

আমি আবার গুদ চুষা শুরু করলাম আর গুদে আংগুল দিলাম, একটু ঢুকাতে গুদের দেয়ালটা আংগুলটা চেপে ধরলো, গুদটা কি টাইট, চেপে চেপে আংগুলটা গুদে ঢুকাতে হচ্ছে। গুদের ভেতর টা খুব নরম কিন্তু প্রচন্দ টাইট, একটু জোর দিয়ে আংগুল মারতে হচ্ছে। গরম রসে আংগুলটা ভেজে গেছে। ওর গরম রেশমী গুদের দেয়ালের চাপ আমার আংগুলে খুব ভালো লাগছে। গুদে আংগুল মারা খেয়ে ছবি কেপে কেপে উঠতে থাকলো, আমার মাথাটা আরো জোরে গুদের উপরে চেপে ধরলো। আমি গুদ চুষা আর আংগুল মারা চালিয়ে যেতে থাকলাম। ছবি তখন আঃ আঃ আঃ ওঃ ওঃ ওঃ উমঃ উমঃ উমঃ করছে। আমি আংগুলটা আরো ভিতরে ঢুকিয়ে দিলাম, কিন্তু আংগুলটা আর ঢুকতে চাইলো না, কোথায় যেন আটকে গেল।

তখন মনে পরলো ছবি তো এখন ও কুমারী তাই ওর সতীচ্ছদ আছে, এটা না ভেদ করলে আংগুল আর ভিতরে যাবে না। আমি তখন দ্রুতবেগে মাং চাটতে থাকলাম, ছবি চিতকার দিয়ে উঠে বলল চুষেন রিপন ভাই চুষেন, আমার মাংটা ভালো করে চুষেন, চাটেন আমার মাংটা, মাংএর সব রষ বের করে দেন, মাং চুষলে যে এত ভালো লাগে তা আমি আগে জানলে যেদিন প্রথম আপনাদের বাড়িতে কাজ করতে আসছি সেদিনই আপনাকে দিয়ে আমার মাংটা চোষাতাম। এখন থেকে আপনি রোজ আমার মাংটা চুষবেন তো।

আমি একথা শুনে এক ধাক্কায় বাকি আংগুলটা গুদে পুরে দিলাম, ওরে বাবারে বলে চিতকার দিয়ে উঠল ছবি, বলল রিপন ভাই আমার মাংটা মনে হয় ফেটে গেল, ভিতর টা টন টন করছে, বুজলাম ও ব্যাথা পেয়েছে, আমি আরো দ্রুতবেগে মাং চুষতে থাকলাম আর আংগুল মারতে থাকলাম। এক্তু পরে ও আবার আঃ উঃ আঃ উঃ করতে লাগ্লো, বুঝলাম ব্যাথা কমে গিয়ে আবার মজা পাচ্ছে ও।

ওর গুদটা আমার আংগুলে চেপে ধরে আছে, আমি চেপে চেপে ওর টাইট গুদে আংগুল মারতে থাকলাম, এদিকে আমার গুদ চাটা তো চলছেই। এক্তু পরে খিস্তি মারতে শুরু করলো ছবি বলল চুষেন রিপন ভাই চুষেন, আমার মাংটা ভালো করে চুষেন, মাংটা যা চুলকাচ্ছে, আংগুল মেরে চুলকানি কমান, মাংটা ফাটায় দেন আমার, বাবারে কি অসম্ভব সুখ। আমি গুদ থেকে মুখ তুলে বললাম, আজ তোর গুদ আমি ফাটাবে, আমার খাড়া বাড়া দিয়ে তোর গুদের চুলকানি কমাবো, তুই তোর হাত দিয়ে বাড়াটা নাড় আমার তাতে আরাম হবে। ও আমার বাড়া ধরে চাপ্তে থাকলো, বেচারা এখনো জানেনা কি ভাবে বাড়া নাড়তে হয়।

গুদটা তখন রসে জ্যাব জ্যাব করছে। আমি ওর টাইট গুদে আরো একটা আংগুল পুরে দিতে চাইলাম, কিন্তু রসে ভরা গুদে আংগুলটা ঢুকলো না, ওর গুদটা অসম্ভব টাইট। ছবি চেচিয়ে উঠল এবার বললো রিপন ভাইথামেন মাংয়ের ভেতরটা কেমন জানি করছে, মাথাটা ঘুরছে, আমি মনে হয় মারা যাবো। বুঝলাম ওর চরম রস একটু পরে বেরিয়ে যাবে। ওর গুদের ভেতরতা খপ খপ করে উঠছে, গুদের দেয়াল তা আংগুলটাকে আরো চেপে ধরেছে। গুদটা আংগুলটাকে জাতা কলের মতো পিসছে, মনে হচ্ছে যেন আংগুলটা চিবেয়ে খাবে, ছবির শরীরটা কেপে কেপে উঠছে, মুখটা হা হয়ে আছে, চোখটা বন্ধ, দ্রুত বেগে নিশসাস নিচ্ছে। সুখের সাগরে ভাসছে ছবি। এই মুহুত্তে আমি গুদ চোষা থামিয়ে আমার আংগুলটা গুদ থেকে বের করে নিলাম, প্রতিবাদ করলো ছবিঃ করেন কি, করেন কি রিপন ভাই, থামলেন কেনো? কামবেগে শরীরটা কাপছে ওর। ও আমার হাতটা জোর করে গুদের কাছে নিয়ে বলল আংগুল মারেন আর গুদটা চুষেন। আমি বল্লাম তুই মজা পাচ্ছিস আর আমি ? ও বলল আপনি কি চান ? আমি বললাম, আমার ধোনতা চোষ, ও বলল ছিঃ ছিঃ ছিঃ, কখনো না। আমি বললাম তা হলে আমি আর তোর গুদ চুষবোনা। আমি তোকে মজা দিচ্ছি তুইও আমাকে মজা দে, বলে আমার খাড়া বাড়াটা ওর মুখের কাছে নিয়ে বললাম, মুখ খোল শালী, আমার বাড়াটা চোষ। ও প্রতিবাদ না করে বাড়ার মুন্ডিটা মুখে নিল, আমি যেন বেহেস্তের মুখ দেখলাম, ওর মুখতা কি গরম, ওর নিস্পাপ ছোট মুখে আমার আখাম্বা বাড়াটা দেখতে ভালো লাগছিল। আমি বললাম বাড়াটা আইসক্রিম এর মতো চোষ, ভালো করে চুষবি কিন্তু না হলে তোর গুদ চুষবোনা আমি।
বিছানায় বসলাম আমি, আর ওকে আমার কোলের উপরে মাথা রেখে বাড়া চুষাতে লাগলাম, আমার হাত চলে গেল ওর কোটের উপরে, এক্টা আংগুল দিয়ে কোটটা নাড়তে লাগলাম, কেপে উঠলো ছবির শরীর, আর এক হাত ওর মাথার উপর রেখে মাথাটা আমার ধোনের উপরে উঠ বস করাতে লাগলাম। সুখে আমার শরীর অবস হয়ে এলো। শুধু বাড়ার মুন্ডিটা চুষছে ও, তাতেই এত সুখ। এদিকে কোটে আংগুলের কাপন খেয়ে ছবি শিতকার দিয়ে উঠলো কিন্তু বাড়া মুখে থাকায় শুধু শুনলাম উমঃ উমঃ উমঃ উমঃ। ও বাড়াটা মুখ থেকে বের করে চেচাতে চাইলো কিন্তু আমি ওর মাথাটা আমার বাড়ার উপরে চেপে ধরলাম। ওর কোটটা দ্রুত ঘষতে থাকলাম, সারা শরীর কাপতে শুরু করল ওর। কাটা মুরগির মত দাপাতে থাকলো ও।
ওর শরীরটা শক্ত হয়ে গেল, এক ঝটকায় বাড়া থেকে মুখ তুলে চেচিয়ে উঠে বলল রি রি রি রি রি রি রি প প প প প প প প প প ন ন ন ন ন ন ন ন ন ভা ভা ভা ভা ভা ভা ভা ই ই ই ই ই ই ই ই ই ই, আমি বুঝলাম ছবির চরম মুহুত্ত ঘনিয়ে এসেছে তাই ওর গুদের কোটটা আরো দ্রুত কাপাতে লাগলাম, ওর মাথা ধরে বাড়ার মাথাটা ওর মুখে ঢুকিয়ে দিয়ে বললাম, বাড়া চোষা থামালি কেন শালী? চোষ বাড়াটা চোষ। উমঃ উমঃ উমঃ উমঃ উঃম বলে ছবির শরীরটা শক্ত হয়ে গেল, ওর চোখ দুটা উলটে গেল, মৃগী রুগীর মত চরম সুখে ওর শরীরটা কাপতে কাপতে থাকলো। আমি ওর মাথাটা আমার বাড়ার উপরে পিস্টনের মত উঠবস করাতে লাগলাম, আমারো ঘনিয়ে এসেছে, মালটা প্রায় বাড়ার মাথায়, তিব্র সুখে ভাষছি আমি। চিতকার দিয়ে বললাম ছবিরে তোর মুখে আমার মাল ফেলবো রে, আমার মাল খাওয়াবো তোকে আজকে, খবরদার মাল বাইরে ফেলবি না, সব মাল গিলে খাবি আজ। ছবি দু হাত দিয়ে আমাকে শক্ত করে জরিয়ে ধরলো, বাড়া থেকে মুখ বার করে শেষ বারের মত চেচিতে চাইলো কিন্তু পারলো না কারন আমি তখন ওর মাথা ধরে বাড়ার উপর উঠবস করাচ্ছি, তাই ওঃ ওঃ ওঃ ওঃ বলে শেষ বারের মত ঝাকি দিয়ে ও নেতিয়ে পড়ল। আমিও চেচিয়ে ওঠলাম, বললাম খা খা শালী আমার মালটা খা। আমার বাড়ার মাথা থেকে গরম মালগুলি ঝলকে ঝলকে পরতে থাকলো ওর মুখে। বাড়াটা কেপে কেপে উঠে মাল ঢেলে দিচ্ছে ওর মুখে, আঃ কি সুখ। ওর মুখ ভত্তি হয়ে গেল আমার মাল দিয়ে, ও মুখটা সরিয়ে নিতে চাইলো কিন্তু পারলো না। মাল বের হয়া শেষ হলে বাড়াটা ওর মুখ থেকে বের করে বললাম, মুখ ফাক কর দেখি কত মাল তোর মুখে ? ও মুখ ফাক করলো, দেখলাম ওর মুখ ভরা মাল, বললাম গিলে খা, ও কোত করে গিললো, গিলার পরে কেশে উঠলো, বুঝলাম গলায় মাল আটকে আছে। ফ্যাদা মাখানো বাড়াটা ওর মুখে ভরে দিয়ে বললাম, মালচেটে বাড়াটা পরিস্কার কর। ও আমার কথা শুনে ফ্যাদা মাখানো বাড়াটা চেটে চেটে খেতে লাগলো। ওর মুখের চাপে বাড়াটা আবার খাড়া হতে থাকলো, বুঝলাম ছবির গুদ এবার মারতে হবে।

ভাবির কাছ থেকে সেক্সের জ্ঞান অর্জন

প্রথম যখন আমার মাঝে যৌবন আসল আমি বুঝতে পারি নি। কারণ আমার কোন বন্ধু বান্ধব ছিলনা। বাড়ীর চার দেয়ালের মাঝেই বসবাস করতাম। ডাক্তারে বলেছিল আমার শারীরিক সমস্যার কারণে যৌবন দেরিতে আসতে পারে পরে জানতে পারি। বয়স ১৮ চলছে আরকি? যাই হোক, আমি সেসময় বুঝতাম না শারিরিক সম্পর্ক আসলে কি? আমার এখনো ষ্পষ্ট মনে আছে, প্রথম বড় ভাইয়ের কম্পিউটারে একটা ছোট্ট ভিডিও কিপ দেখেছিলাম? দেখ লাম এক মেয়ের অন্য একটা ছেলের পেনিস (ধন) টাকে নিয়ে একবার চুষছে, আমার মাঝে মাঝে হাত দিয়ে জোরে জোরে হ্যাডল মারছে। পরে ধন থেকে ছিঁটে ছিঁটে কি যেন বেড়ল। এই সিনটা দেখার পর আমি অনেকটা উত্তেজিত হয়ে উঠেছিলাম। কেন এরকম হলো বুঝতে পারলাম না। ছ্টো কাল থেকেই আমি রাতে আলাদা ঘরে থাকি? রাতে সিটার কথা চিন্তা করতে করতে আমার লাঠিটা (ধন) জিনিসটা খাঁড়া হয়ে উঠল, মনে হয় প্যাট ছিঁড়ে বের হয়ে আসবে। নিজের অজান্তে আমি হাত দিয়ে খেঁচতে লাগলাম। খুব মজা পাচ্ছিলাম। তারপর আমার বালিশটাকে জড়িয়ে ধরে দেখি তাও খুব ভালো লাগছে,বালিশটার উপরই ধনটাকে ঘুষতে লাগলাম। খুব ভালো লাগছিল আরো জোরে জোরে ঘোষছিলাম এক পর্যায়ে আমার ধনটার কি যেন বেরিয়ে আসতে চাইছিল আমি সামলাতে পারছিলাম না। মনে মনে ভয় পেলাম পেসাব করে দিলাম না তো। ভয়ে ভয়ে উঠে দেখি, আমার দেখা ভিডিও সিনটার মতো আমার নুনু দিয়ে কিছু বেড়িয়েছে। খুব মজাও পেলাম। একটা অজানা আতঙ্কের মধ্যে, আমি সবকিছু পরিষ্কার করে ঘুমিয়ে পড়ি?
যাইহোক মূল গল্পে আসার যাক, আমার পরিবারে আমারা ৫জন সদস্য বড়ভাই আমার তিন বছরের বড়? কিন্তু বিবাহিত ভাবি কে দিয়ে মোট ৫জন তখন ভাইয়ের বিয়ের মাত্র সাতমাস হয়েছে। বিয়ের তিনমাস পর কোরিয়া চলেযায়। ভাবির বয়স মাত্র ১৮। কিছু দিনেই আমাদের মাঝে ভালো বন্ধুত্ব হয়ে যায়। আমাকে ভাবি সবসময় বলতো যে তুমি আসলেই খুব বোকা। যাইহোক রাতের ঘটনার পর সকালে ঘুম থেকে উঠতে আমার দেরি হয়। ভাবি আমার রুমে উঠাতে যেয়ে বালিলে রাতের কু-কাজ করার দাগ দেখতে পায়। ভাবি আমার সাথে খুব ফ্রি ছিলো কিন্তু কোন দিন সেক্স কিং মেয়েলি ব্যাপারে কিছু বলতো হয়তো জানতো আমার ব্যাপারে, আমার সমস্যার ব্যাপারে সবাই জানতো কিন্তু আমি জানতাম না। ভাবি আমার দিকে মিষ্টি করে তাকিয়ে হাসি দিল। তারপর পিটে হাত দিয়ে বলল উঠ তাড়াতাড়ি খাবে চল? আব্বা আম্মা বাইরে গেছে।
চলতে থাকবে...........

আমাকে না বলেই ১সম্পাহের জন্য চট্টগ্রাম চলে গেছেহঠা নানির শরীর খারাপ হওয়ায়ব্রাশ করে ভাবির সাথে খেতে বসলামকিন্তু ভাবি আমার আমার দিকে মিষ্টি করে তাকিয়ে আগের মতো হাসছেআমি ভাবির মতি গতি কিছু বুঝে উঠতে পারছিলাম নাভাবি তুমি হাসছো কেন? তুমি বুঝবে না উত্তর দিলআমারতো কৌতুহল বাড়তে থাকলোআসলো কি ব্যাপার? আমি ভাবিকে তেল মারতে থাকলাম এই সেই বলেকিছুক্ষণ পর ভাবি হাসতে হাসতে জিজ্ঞেস করল কাল রাতে কি হয়েছিলকাল রাতে মানে কই কিছু তো হয়নি? জেনে গেল নাকি আমি মনে মনে চিন্তা করলামদেখো আমার কাছে লুকিয়ে লাভ নেই আমি বুঝতে পেরেছি, কি বুঝতে পেরেছো, তুমি বড় হয়ে গেছোসুমন? তাই ভাবিব কাছে লুকিয়ে কোন লাভ নেই, হয়তো কোন সময় তোমার ভাবির সাহায্য লাগতে পারেআমি বললাম ঠিক আছে আমি তোমাকে সব বলছিতবে কাউকে বলতে পারবা নাতারপর আমি উপরের সব ঘটনা বললামভাবি আমাকে বোঝালো সবকিছু ভদ্রভাষায়আমিও মনোযোগী ছাত্রের মতো সব কিছু শনলামআমি লক্ষ্য করছিলাম এগুলো বলার পর থেকে ভাবি আমার খুব কাছাকাছি আরো বেশি বন্ধুর মতো হয়ে গেলকিছু আচারনেও পরিবর্তন দেখলামবাসায় আমরা দুইজন একটা ছিলাম, যদিও আমাদের বাড়ি খবু বেশী বড় ছিলনাতবে মধ্যবিত্ত ফ্যামেলীর জন্য যথেষ্ট বড় ছিলরাতে খাওয়ার পড় ভাবি বলল আমার কেন জানি আজ ভয় ভয় লাগছেতুমি আমার রুমে চলে আসো, আজতো বাসায় কেউ নেই কোন সমস্যা হবে নাআমরা দুজনে মজা করে গল্প করবো? আমিও আপত্তি করলাম নাকারণ ভাবির সঙ্গ আমারও খুব ভালো লাগেআমরা দুজনেই সমবয়সীভালোই সময় যায়আমরা দুজন মজা করে সাতদিন সময় পার করলামবাসায় আব্বা আম্মা আসালসাতদিনে ভাবি আমাকে সবকিছু শিকিয়ে ফেলেছে দক্ষ শিক্ষকের মতোআমাদের আচারণ আগের থেকে অনেক পাল্টেগেলযেমুন ইয়ার্কি করা বেশি হতে লাগলোশরীরের হাত দেওয়া উর্না কেড়ে নেওয়া দুজন দুজনকে চিমটি দেওয়া ইত্যাদিআমার মা এজিনিস গুলো লক্ষ্য করতোতবে কোন দিন কিছু বলেনিকারণ ভাবিকে ভাইয়া মেনে নেয়নিভাবি আমাকে বলেছিল ওরা দুজন দজনের বিছানার সম্পর্ক কখনো তৈরি হয়নিতাই ভাবি সবসময় অন্যরকম হয়ে থাকতোআমার সঙ্গে হাসি মজা করতো আবার চুপ হয়ে যেতকিন্তু ইদানিং ভাবী মখে সবসময় হাসি থাকতোএগুলো আম্মাও লক্ষ্য করেছে আমি বুঝতে পালামআমি বিকেলে ঘুমিয়ে আছি, আসলে ঠিক ঘুমাইনি চোখ বন্ধ করেছিলামআম্মা আর ভাবি কথা বলছে আমার কানে ভেসে আসছেআম্মার বলল দেখ নদী(ভাবির নাম) আমি জানি আমরা তোর উপর অন্যায় করেছিতোর এই বয়সে কি চাওয়া আমি বুঝি? কিন্তু তোকে আমরা মেয়ের মতো ভালোবাসি”, হ্যাঁ তার চেয়ে হয়তো বেশী ভালোবাসেন আম্মা, কিন্তু কি হয়েছে বলেন,আমিও তো আপনার উপরো কোনদিন অভিযোগ করিনি?ওর উপর আমার রাগ নেইআমি আসলে বলতে চাইছিলাম যে তুই,“ তোর আর সুমনের ব্যাপারে তুই চাইলে যা ইচ্ছা হয় তোরা দুইজনে করতে পারিস, তোর শুশুর আমার কোন আপত্তি নেই,সমনও এখন সাবালো হযে উঠেছেরুমন কখনো আর হয়তো দেশে আসবে না, সেদিন বলছিল তোকে ডির্ভোস লেটার পাঠিয়ে দেবেএতটুকু ওরকাছ থেকে আশা করিনি,ওকে মানুষ করতে পালামনাওকে জানিয়ে দিয়েছি যে, সে আমারদের পালিত সন্তানতাই এই নিয়ে মা কখনো দুঃখ করিস না, আমরা আছি নাতুই চাইলে তোর হাতে সুমনকে তুলে দিতে রাজি আছি, যদি তুই চাস? কারণ দুইজনের ভালো সময় কাটে আমি লক্ষ্য করেছিভাবী উত্তরে বললে আপনার সিন্ধান্তে আমার কোন আপত্তি নেই, তবে আম্মা আমার সময় চাই,তাছাড়া আমি সুমনের জীবনটা কেন নষ্ট করবো এবলে উঠে গেল? ভাবি কে আমি কোনদিন অন্য চোখে দেখিনি কিন্তু একথা গুলো শোনার পর উনাকে নিয়ে আমি ভাবতে লাগলামভাবির বয়স ১৮ চলছে আমার ২সপ্তাহ আগে পার হয়েছেহাইট ৫ফিট ৪ ইঞ্চিফর্সা সি­ম বুকের আপেল দুইটাই ৩২ সাইজ ব্রা লাগেবাধানো বডিশরীরের প্রতি অঙ্গে সেক্সে ভরপুরপূর্ন যৌবনবতীআমি মনে মনে চিন্তা খারাপ হবে না আমার জন্যআমাকে খুব সুখী রাখবেএর তিন মাস পরের ঘটনা হঠা একদিন বিকেলে খবর এলো যে নানী মারা গেছেআব্বা আম্মা ছুটলো চট্টগ্রামআমাকে আর ভাবীকে রেখে গেলনানী মারা যাওয়ার এফেক্ট আমাদের দুজনের মাঝে খুব পড়েনি? খাওয়ার পর দুজনে গল্প করছিলামভাবি বলল যে মভি দেখবোকিন্তু আমার কাছে তো কোন মভি নেই আমাকে টাকাদিল দুইটা ভালো রোমান্টিক ভাবি আনাতেএগুলোতে আমি ছিলাম একেবারে অজ্ঞতাই আমার ক্লাশ মেইট এর দোকানে গিয়ে নিয়ে এলামদেখতে বসেছি বিছানাই এক K¤^‡jB দুইজন শুয়ে শুয়ে আছি আর বিভিন্ন ধরনের গল্প করছিলামভাবী হঠা ছবির রোমান্টিক সীন নায়ক নায়িকার চেপে ধরা দেখে বলল সুমন তোমার কি মেয়ে মানুষের সাথে মিশতে ইচ্ছে করে না, না এর মধ্যে ২নং কাজ করে ফেলেছো? আমি বললাম আমি পুরুষ মানুষ নাইচ্ছে তো করতেই পারে,তবে কার সাথে জানো তোমার সাথে, ভাবী বলল এই ফাজিল কি বললি? কত বড় হয়েছে যে আমাকে….দেখবে নাকি আমি বললামসেই মাজায় একটা চিমঠি দিলাম,আর আ্‌মার পায়ের সাথে নদীর পা জড়িড়ে রাখলাম? কানে কানে বললাম আমার ভদ্র জিনিসটা কিন্তু জেগে উঠে লাগলে বল? তুই খুব ফাজিল হয়ে যাচ্ছিস কিন্তু!! আমরা মাঝে মাঝে তুই করে কথা বলতামআমি বললাম তুমি তো বানিয়েছো? ফাজলামু রাখ উঠে ডিক্স শেষ পাল্টা তাড়াতাড়ি
: এখুনো বল !!!
: বদমায়েস কোথাকার:
মাঝে আমারা তুই করে কথা বলতামছবি পাল্টিয়ে দিয়ে বিছানাই কম্পল মুড়ি দিয়ে দুজন পাশাপাশি এসে বসেছিআমি বললাম -তোর কি সত্যিই পুরুষ মানুষ পেতে ইচ্ছে করে না
: করে কিন্তু …………. ? সব মেয়ের পুরুষের আদর পেতে চাই, যে পাই না তার কষ্ট তুই বুঝবি নারে?
এমুন সময় ফ্লিম বাবাজির মাঝে ক্যাটপিসের আর্ভিবাব
: এই হারামজাদা কি এনেছিস দেখে আনতে পারিস নি
আমি বললাম তুই দেখবি কিনা বল? আর আমি তো জানি না যে এর ভিতর এগুলো ছিলআমার সমস্যা হবে না, তোমার হলে বন্ধ করে দাওপরে বললাম আয় না একসাথে দেখি মজা করিআমি জানি তোর কষ্ট আমি বুঝিরে আমি ছাড়া কে বুঝতে পারবেতবে আজ তোকে একটা কথা বলি আমি তোকে চায়? মনের অজান্তে তোকে আমার ভালো লাগতে লেগেছে মা-বাবারও কোন আপত্তি নেই আমি জানিতুই আ্‌মাকে বিয়ে করে ফেলআমি তোকে কোন দিন কষ্ট দেব না খুব সুখেরাখার চেষ্টা করবোনদী তো আমার দিকে ফ্যাল করে চেয়ে তাকলো
: আমি জানি তোরও খুব একটা আপত্তি নেইতুই কেন মা-বাবাকে হ্যাঁ বলছিস না
: দেখ সুমন আমার কিছু সমস্যা আছে, আমি তোর জীবনটা তো নষ্ট করতে পারি না
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